पंचांग हिन्दू कैलेंडर है, जो हर दिन के पाँच अंगों — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — की गणना करता है। जयपुर के लिए ये मान शहर के सटीक अक्षांश-देशांतर से स्विस एफ़ेमेरिस द्वारा निकाले जाते हैं, इसलिए विवाह, गृह-प्रवेश या नामकरण जैसे शुभ मुहूर्त के लिए इन पर भरोसा किया जा सकता है।
सूर्योदय, सूर्यास्त, तिथि और राहु काल का समय हर शहर में अलग होता है — चंद्रमा और सूर्य जयपुर के स्थानीय क्षितिज को अलग समय पर पार करते हैं। इसलिए राष्ट्रीय पंचांग की तुलना में जयपुर का स्थानीय पंचांग कुछ मिनट से लेकर घंटों तक भिन्न हो सकता है।
राहु काल, गुलिक काल और यमघंट काल
ये तीनों अशुभ माने जाने वाले छोटे समय-खंड हैं, जिनमें परंपरा के अनुसार कोई नया कार्य — जैसे अनुबंध पर हस्ताक्षर, यात्रा की शुरुआत या शुभ संस्कार — आरंभ करने से बचा जाता है। पहले से चल रहे कार्यों पर इनका प्रभाव नहीं माना जाता; केवल नए कार्य की पहली घड़ी इन खिड़कियों से बाहर रखी जाती है।
जयपुर का पंचांग कैसे निकाला जाता है
MyAstro360 स्विस एफ़ेमेरिस (वही खगोलीय इंजन जो पेशेवर ज्योतिषी उपयोग करते हैं) और प्रामाणिक लाहिरी अयनांश का उपयोग करता है। सूर्योदय-सूर्यास्त जयपुर के वास्तविक निर्देशांक के अनुसार गणना किए जाते हैं, मानक मध्याह्न रेखा के अनुसार नहीं — इसलिए समय मिनट तक सटीक रहता है।